खुशियों के बीच आप दर्द भूल जायें…

जो है अपने खुद ही
दर्द को पहचान लेंगे
मुनासिब नही है
जाहिर वो हर बात करे
आपके दर्द से वाकिफ़
पूरी तरह से है,
नासूर न बने दर्द
इसलिये चुप रहते है।
दुआ है कि हालात
कुछ ठीक हो जाये,
खुशियों के बीच आप
दर्द को भूल जाये।

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Responses

  1. जो है अपने खुद ही
    दर्द को पहचान लेंगे
    मुनासिब नही है
    जाहिर वो हर बात करे
    आपके दर्द से वाकिफ़
    पूरी तरह से है,
    नासूर न बने दर्द
    इसलिये चुप रहते है।

    ———-बहुत शानदार लेखन, भावपूर्ण रचना

  2. क्या बात है बहुत ही सुंदर बात कही है आपने खुशियों के बीच आप दर्द को भूल जाए हर व्यक्ति के जीवन में इतना ही सुख होना चाहिए

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