खोते अपने

जिसे अपना मानते आये
हर बात पर,
नुक्श निकालने को आमदा ,
देखते ही देखते
ये कैसे बेगाना हुआ ।
दर्द जब हद से बढ़ा
दिल पर बोझ बढने लगा
बोझिल सा यह मन
अश्क पलकों को भिगोने लगा
देखते ही देखते
ये कैसे बेगाना हुआ ।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

6 Comments

  1. Geeta kumari - November 17, 2020, 6:14 pm

    मार्मिक अभिव्यक्ति

  2. Pragya Shukla - November 17, 2020, 8:37 pm

    जिसे अपना मानते आये
    हर बात पर,
    नुक्श निकालने को आमदा ,
    देखते ही देखते
    ये कैसे बेगाना हुआ ।
    कुछ ऐसे ही होता है दिल का टूटना खिन्न मन की सुंदर भावाभिव्यक्ति की गई है..👏👏👌👌

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 18, 2020, 7:56 am

    अतिसुंदर भाव

Leave a Reply