“ख्वाब “

अब साँसे भी सोचकर लेती हूँ___
कहीं ख़याल तेरे महकने ना लगे
जो ख्वाब तुमने तोड़े थे
कहीं दिल फिर उसे बुनने ना लगे___
-PRAGYA

Related Articles

फेल रिजल्ट

कविता -फेल रिजल्ट —————————- आज सारे, ख्वाब टूट गए, कभी सोचते थें, जो बैठ टहल कर, वो आज सारे ख्वाब टूट गए, मत भरोसा करो,…

अपनी अदा देखाकर हुश्न के बाजार में मेरा भाव लगाया तुमने।

अपनी अदा देखाकर हुश्न के बाजार में मेरा भाव लगाया तुमने। मिल गया कोई रईसजादा तो इस मुफलिस गरीब को ठुकराया तुमने।। मेरी मुफलिसी का…

Responses

New Report

Close