ख्वाब

ख़्वाबों का क्या है
आ ही जाते हो तुम
बेशक़ रातों को जगा जाते हो तुम

वह प्यार ही क्या जिसमे तड़प ना हो
वह आग ही क्या जिसमे तपन ना हो
अब तोह आग का दरिया है
जल जाना है या पार जाना है


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4 Comments

  1. मोहन सिंह मानुष - August 22, 2020, 11:00 pm

    बहुत ही उम्दा

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 23, 2020, 7:46 am

    Sunder

  3. Satish Pandey - August 23, 2020, 11:01 pm

    वाह वाह

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