गजल- प्यास पानी हो गई |

गजल- प्यास पानी हो गई |
तुझसे बीछड़ दर्द इश्क अब कहानी हो गई |
आँख से उमड़ा समंदर प्यास पानी हो गई |
छलकता सागर आंखो से सैलाब की तरह |
तेरी यादे मेरी रोज रातो की रवानी हो गई |
खिलते फूल देख तेरा हंसना याद आता है |
सिसकती ओस की बुंदों की जवानी हो गई |
आती है बहारे तेरे लहराते आँचल की तरह |
चर्चा तेरे मेरे इशक सबकी जुबानी हो गई |
जितना भूलना चाहा तुम उतना याद आए |
तू पास नहीं यादे सारी तेरी निसानी हो गई |
तेरे इश्क का जादू है कभी उतरता ही नहीं |
करके इश्क तुझसे शायद नादानी हो गई |
जब भी याद आओ साथ तुम भी आ जाओ |
तेरी हर निसानी अब और सयानी हो गई |

श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

New Report

Close