गरीब की दीवाली

गरीब के घर में झांकीए
कैसे मनाते है निर्धन दीवाली।
मन में उमंगों की पटाखे फोर कर
निर्धन ऐसे मनाते है दीवाली ।।
दीया है बाती है मगर तेल नहीं
लाला भी आज उधार देगा नहीं।
मन में ख्वाईशें तो थी अनेक
चलो यह वर्ष न सही अगले वर्ष ही सही।।
मुनिया की मम्मी मुनिया के
पुरानी कपड़े धो देना क्योंकि,।
आ गयी है इस वर्ष की दीवाली।।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. Pragya Shukla - November 8, 2020, 11:04 pm

    बहुत खूब

  2. Rishi Kumar - November 8, 2020, 11:05 pm

    वाह क्या बात है☺☺☺ 👏👏👏✍👌👌

  3. Geeta kumari - November 9, 2020, 2:13 pm

    मार्मिक अभिव्यक्ति

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 9, 2020, 2:21 pm

    बेहतरीन

Leave a Reply