गिरना

आज कुछ अजीब होते देखा।
उसको उसकी ही नजरों में गिरते देखा।

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Responses

  1. सुंदर नरजीत जी

    अपनी ही नज़रों में गिरने से ज़्यादा तकलीफ़ देह और कुछ हो नहीं सकता

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