गुरु के चरणकमल

गुरुवर तव चरणन में, है तीन लोक राजित।
जिसने लिया सहारा, वो खुशियों में विराजित।।
लाखों कमल है जग, तव चरण कमल आगे।
दिल में बसा ‘विनयचंद ‘ बन जाओगे बड़भागे।।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

9 Comments

  1. Praduman Amit - July 5, 2020, 5:18 pm

    Wah

  2. Geeta kumari - July 5, 2020, 8:57 pm

    👏👏👌👌

  3. Dhruv kumar - July 6, 2020, 5:08 pm

    Nyc

  4. BHARDWAJ TREKKER - July 6, 2020, 8:53 pm

    Wahhhhh

  5. BHARDWAJ TREKKER - July 6, 2020, 8:53 pm

    Bahut sudar

  6. Vasundra singh - July 7, 2020, 11:48 am

    nice one

  7. Abhishek kumar - July 10, 2020, 9:40 pm

    विराजित

  8. महेश गुप्ता जौनपुरी - July 11, 2020, 12:06 am

    बहुत खूब

  9. Abhishek kumar - July 31, 2020, 2:01 am

    गुरु का सम्मान दिल अति सुंदर रचना आपके सुंदर भावों को प्रकट कर रही है गुरु का सम्मान आज के युग में नहीं रह गया है परंतु आप के भाव में मन को गलत कर दिया है

Leave a Reply