चल वहां

चल वहां जहाँ नहीं गम
तुम हो वहां और बस हम

सागर सी गहरी जीवन गाथा
अम्बर तक है ,प्रीत हमारी

साथ चलेंगे हर पल हर दम

ऐसे चलेंगे संग तुम्हारे
अम्बर संग जैसे हो तारे

साथ रहेंगे हम जन्मो तक
चल वहां जहाँ नहीं गम

-विनीता श्रीवास्तव (नीरजा नीर)-

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

गीत

चल वहां जहाँ नहीं गम तुम हो वहां और बस हम सागर सी गहरी जीवन गाथा अम्बर तक है ,प्रीत हमारी साथ चलेंगे हर पल…

Responses

New Report

Close