चाँद

चाँद में दाग है सबने जाना,
उसकी खूबसूरती को सबने माना,
खूसूरती का रहस्य किसी ने न जाना?
                 बादलों का आना चमकने से रोकना,
                 दूसरे पल रोशनी को भू तक पहुंचाना,
                  सेवा भाव को किसी ने न जाना l
दिवा में कहीं खो जाना,
एकाग्रता से शाम का इन्तजार,
दृढ़ मन को किसने जाना l
                   अपनी राह में चलना,
                    गती को बरकरार रखना,
                    कार्य निष्ठा को किसी ने न जाना l
भास्कर की परिक्रमा,
राह से न भटकना,
भक्तिभाव को किसी ने न जाना l
                       कार्यभाव में लीन,
                       चाँद को खूबसूरत बनाता,
                       रहस्य को किसी ने न जाना l


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7 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 2, 2020, 5:14 pm

    वाह बड़ी सुंदर रचना

  2. Pragya Shukla - June 2, 2020, 8:25 pm

    👏👏

  3. Panna - June 6, 2020, 12:45 pm

    nice

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - June 6, 2020, 7:05 pm

    बहुत सुंदर

  5. Abhishek kumar - July 13, 2020, 12:03 am

    👌👌

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