चाबी

अपनी ही जेब में खुशियों की छोटी चाबी छिपाये,
यहाँ वहाँ ढूंढता रहता है इंसा उसे बड़े बाज़ारों में।।

राही अंजाना

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9 Comments

  1. Poonam singh - September 13, 2019, 3:07 pm

    Nice

  2. NIMISHA SINGHAL - September 13, 2019, 10:05 pm

    👏👏

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 13, 2019, 10:45 pm

    वाह बहुत सुंदर

  4. ashmita - September 14, 2019, 12:08 am

    Nice

  5. Neha - September 14, 2019, 7:15 am

    Waah

  6. Poonam singh - September 14, 2019, 3:47 pm

    Nice

  7. Deovrat Sharma - October 4, 2019, 5:46 pm

    सही बात

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