चुनाव

अरे भाई,चुनाव का वक़्त आया है ,
क्या करना है?
कुछ भी करो,
धर्म-धर्म खेलो,
जाति-जाति खेलो,
औरत संग अनाचार करवा लो,
हर दुखती रग पर नमक डालो,
बस चुनाव नही हारना है।

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

  1. कवि अनु जी की यह कविता वर्तमान राजनीतिक हालातों और उसकी बिगड़ती दिशा पर करारा प्रहार है। कवि अपने कथ्य को पाठक तक पहुचाँने सफल रही हैं। साफ सुथरी स्पष्ट भाषा और शिल्प है। वाह

New Report

Close