जज़्बात

आज कैसे – कैसे हुए जज़्बात के रोना आया,
बीती किसी बात पे रोना आया।
एक दुखती रग है, गर दबा देता है कोई,
नहीं मिलती उस दर्द से निजात पे रोना आया…

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Responses

  1. मन के भीतर बसे दर्द पर सुन्दर पंक्तियाँ लिखी हैं, सरल व सहज तरीके से दी गयी यह एक बेहतरीन प्रस्तुति है। keep it up

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