जज़्बात

आज कैसे – कैसे हुए जज़्बात के रोना आया,
बीती किसी बात पे रोना आया।
एक दुखती रग है, गर दबा देता है कोई,
नहीं मिलती उस दर्द से निजात पे रोना आया…


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18 Comments

  1. Satish Pandey - September 1, 2020, 5:39 pm

    मन के भीतर बसे दर्द पर सुन्दर पंक्तियाँ लिखी हैं, सरल व सहज तरीके से दी गयी यह एक बेहतरीन प्रस्तुति है। keep it up

  2. प्रतिमा चौधरी - September 1, 2020, 5:41 pm

    बहुत ही उम्दा

  3. Priya Choudhary - September 1, 2020, 6:44 pm

    बहुत सुंदर👏👏

  4. मोहन सिंह मानुष - September 1, 2020, 7:57 pm

    सुन्दर अभिव

    सुन्दर प्रस्तुति

  5. Isha Pandey - September 1, 2020, 8:48 pm

    Very nice

  6. Prayag Dharmani - September 1, 2020, 9:58 pm

    Nice Lines

  7. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 2, 2020, 1:41 pm

    Sunder

  8. Devi Kamla - September 23, 2020, 5:10 pm

    बहुत खूब

  9. Piyush Joshi - September 23, 2020, 5:16 pm

    बहुत ही उम्दा

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