जमाना

ना रुकेगा ये वक्त
ना जमाना बदलेगा
सुख जायगा जब पेड़
तो ये परिंदा ठिकाना बदलेगा

– हिमांशु ओझा


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6 Comments

  1. मोहन सिंह मानुष - July 24, 2020, 4:50 pm

    बहुत बढ़िया

  2. Geeta kumari - July 24, 2020, 5:59 pm

    वाह

  3. Priya Choudhary - July 25, 2020, 9:00 am

    बहुत खूब👏

  4. Neha - July 25, 2020, 9:16 am

    Nice

  5. Satish Pandey - July 25, 2020, 5:43 pm

    कितना वक्त बीत चला, लेकिन पुरातन रूढ़ियाँ अब भी अपनी जड़ें जमाये हुए हैं, सटीक प्रहार है, बहुत खूब।

  6. Abhishek kumar - July 30, 2020, 9:35 pm

    👍

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