जर्जर हैं दीवारें

हास्य कविता
——————–
गारंटी है जरा भी हँसी नहीं आयेगी !
******************
जर्जर हैं दीवारें इसकी
मत तुम जोर लगाओ
रहना है तो रहो नहीं तो
तुम यहाँ से जाओ
दूसरे भी हैं लगे लाइन में
मेरा दिल तो हाउसफुल है
जो देखे कहे यही
ये लड़की तो ब्यूटीफुल है
मैं उनमें से नहीं कि तेरे
बहाऊं आँसू
तेरी माँ को देख सामने
बोलूं पांय लागूं सासू
मैं हूँ आज की नारी
जीवन व्यस्त बड़ा मेरा है
मेरे आगे-पीछे तो
लड़कों का डेरा है
स्वीटहार्ट हूँ किसी मैं तो
किसी की जानेमन हूँ
सारी लड़कियां मांगे पानी
मैं ही नंबर वन हूँ..

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

  1. वाह, प्रज्ञा , सबसे पहले तो गारंटी देख के ही हंसी आ गई थी ।
    बहुत सुंदर कविता। लड़की ब्यूटीफुल कर गई चुल.. बहुत सुंदर हास्य रचना ।

New Report

Close