ज़िन्दगी से

बहुत मिला इस ज़िन्दगी से,
सब कुछ कहां,किसे हासिल मगर
रह ही जाता है, किसी का “काश”,
और, कहीं किसी का “अगर”..

*****✍️गीता

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Responses

  1. वाह अनुप्रास अलंकार से अलंकृत कर आपने कम शब्दों में प्रभावशाली बात कही है,बहुत खूब

    1. समीक्षा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सर ।आपकी प्रेरक समीक्षाएं बहुत उत्साह वर्धन करती हैं । अभिवादन🙏

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