ज़िन्दगी

ज़िन्दगी तेरा शुक्रिया,
प्यारी सी सुबहे दी
तारों भरे आसमां का
आंचल दिया
खुशनुमा, हवाओं से सरोबार्
जो किया….
सोने चांदी के चम्मच ना सही
धूप की चुनौतियों भरे रास्तों पे..
चलने का साहस ,जो दिया…
जीवन की सांसों पर,
कर्ज है तेरा…
ज़िन्दगी तूने मुझे ,
है सब कुछ दिया……

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ज़िन्दगी तेरा शुक्रिया, प्यारी सी सुबहे दी तारों भरे आसमां का आंचल दिया खुशनुमा, हवाओं से सरोबार् जो किया…. सोने चांदी के चम्मच ना सही…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

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