जिंदगी

सोचा था जिंदगी इक पूरी किताब होगी
मगर ये तो चंद लफ़्जों में ढ़लकर रह गयी|

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सोचा नहीं था

चले जाओगे तुम ये सोच नहीं था हो जाएगें तनहा हम ये सोचा नहीं था हंसते हंसते बितायी थी जिंदगी हमने गम में ढ़ल जाएगी…

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