जीवन दायिनी

हे माँ! तू जीवनदायिनी ।
तू है माँ इस जग की माता,
तेरी ममता हर कोई पाता
तुमसे है हमसब का नाता
पुत्र कुपुत्र सुने हैं भव में
पर तू तो है वरदायिनी,
हे माँ! तू जीवनदायिनी ।
तू तो है सौम्यता की मूरत
निष्ठुरता कहाँ तेरी फ़ितरत
करूणा वरसाती तेरी सूरत
तेरी महिमा अंकित थल-नभ में
तू तो है करूणामयी कल्याणी,
हे माँ! तू जीवनदायिनी ।
मानवता की तू निर्मात्री
पर यह कैसा संकट है मात्री
तेरे रहते बिलखे क्यू धात्री
डर एक बैठा हर मानव मन में
पीङ मिटा, हे विघ्नविनाशिनी,
हे माँ! तू जीवनदायिनी ।

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