जीवन

जीवन

जीवन हर पल एक खेल होता है।

यहाँ सभी के कर्मों का मेल होता है।

जिंदगी के खेल बड़े निराले होते हैं।

किश्मत का हर सिक्का हेड, टेल होता है।

इस खेल में तो कोई पास तो कोई फैल होता है।

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10 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - October 8, 2019, 12:39 pm

    Sahi kha

  2. Poonam singh - October 8, 2019, 1:29 pm

    Right

  3. ashmita - October 8, 2019, 7:24 pm

    Nice

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 8, 2019, 7:44 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना ढेरों बधाइयां

  5. राही अंजाना - October 10, 2019, 9:42 am

    वाह

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