जीेने के बहाने

अगर तुम होते तो और उम्मीद होती जीने की
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बहाने चार होते दुनिया से दिल लगाने के|


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4 Comments

  1. vivek singhal - October 18, 2020, 7:43 pm

    बहुत खूब रचना प्रज्ञा जी

  2. Geeta kumari - October 18, 2020, 9:00 pm

    बहुत ख़ूब प्रज्ञा

  3. Satish Pandey - October 19, 2020, 8:34 am

    सुन्दर अभिव्यक्ति

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