जो उड़ रहे थे परिंदे बेख़ौफ़ खुले आसमाँ में,

जो उड़ रहे थे परिंदे बेख़ौफ़ खुले आसमाँ में,

जो उड़ रहे थे परिंदे बेख़ौफ़ खुले आसमाँ में,
आज उस खुदा ने उन्हें ज़मी का मुरीद कर दिया॥
– राही


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6 Comments

  1. Mithilesh Rai - May 31, 2018, 3:07 pm

    वाह बेहतरीन

  2. Kanchan Dwivedi - March 8, 2020, 7:32 pm

    Nice

  3. Satish Pandey - July 31, 2020, 10:17 am

    अति सुंदर

  4. Satish Pandey - July 31, 2020, 10:17 am

    कम शब्दों में बड़ी बात

  5. प्रतिमा चौधरी - September 8, 2020, 3:38 pm

    बहुत ही उम्दा

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