ठंडक की रात है

ठंडक की रात है,
आसमान साफ है,
तारे ठिठुर रहे हैं,
लेकिन चाँद छिप गया है
या ओढ़ कर सो गया है
एक पक्ष के लिए।
तारे अकेले रात काट रहे हैं,
सुबह का इंतजार कर रहे हैं
कुछ ही घण्टों में सुबह हो जायेगी,
ठंड भाग जायेगी।


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4 Comments

  1. MS Lohaghat - January 2, 2021, 11:14 pm

    बहुत खूब

  2. Geeta kumari - January 2, 2021, 11:54 pm

    बहुत सुंदर पंक्तियां हैं कमला जी, सर्दी पर बहुत सुंदर कविता

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 3, 2021, 9:04 am

    बहुत खूब

  4. Pragya Shukla - January 3, 2021, 10:18 pm

    वाह वाह सुंदर

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