तक़दीर

सागर किनारे रेत पर फेरी उँगलियाँ,
देखा जो गौर से बन गई तस्वीर तेरी।
ख्वाब से हकीकत में ले आई मुझे,
एक लहर बहा ले गई तक़दीर मेरी।

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12 Comments

  1. Poonam singh - September 27, 2019, 3:59 pm

    Bahut khub

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 27, 2019, 4:06 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

  3. D.K jake gamer - September 27, 2019, 4:13 pm

    अच्छा है

  4. NIMISHA SINGHAL - September 27, 2019, 6:31 pm

    Sunder rachna

  5. Ashmita Sinha - September 28, 2019, 7:19 pm

    Nice

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