“तलब” #2Liner-68

ღღ__तुमसे मिलने की तलब, कुछ इस तरह लगी है “साहब”;
.
जिस तरह से कोई मयकश, मयखाने की तलाश करता है !!…..‪#‎अक्स

.

12662579_232776543730244_2573282794866884622_n

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

Responses

  1. आपकी शायरी की लगी है लत ऐसी
    रूह अब मेरी हर तरफ़ आपके शेरों को ही तलाश करती है

  2. वाह तुमसे मिलने की तलब
    कुछ इस तरह लगी है
    सुंदर पंक्तियां

New Report

Close