“तलब” #2Liner-68

ღღ__तुमसे मिलने की तलब, कुछ इस तरह लगी है “साहब”;
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जिस तरह से कोई मयकश, मयखाने की तलाश करता है !!…..‪#‎अक्स

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7 Comments

  1. Ajay Nawal - March 9, 2016, 11:36 am

    very nice ankit

  2. Anjali Gupta - March 9, 2016, 6:06 pm

    आपकी शायरी की लगी है लत ऐसी
    रूह अब मेरी हर तरफ़ आपके शेरों को ही तलाश करती है

  3. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 11:16 pm

    Good

  4. Abhishek kumar - January 5, 2020, 9:47 am

    Nice

  5. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:42 pm

    वाह तुमसे मिलने की तलब
    कुछ इस तरह लगी है
    सुंदर पंक्तियां

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