तुझे दिल में मैं उतार लूं

अभी ना मेरा दीदार कर,
थोड़ा ख़ुद को मैं संवार लूं।
तेरा हर लफ्ज़ हो शहद सा,
तुझे दिल में मैं उतार लूं।
जब मिले तेरी नज़र से, नज़र मेरी,
तेरी छवि जिगर में उतार लूं।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

16 Comments

  1. मोहन सिंह मानुष - August 16, 2020, 6:15 pm

    बहुत ही बेहतरीन

  2. Geeta kumari - August 16, 2020, 6:22 pm

    बहुत शुक्रिया

  3. Prayag Dharmani - August 16, 2020, 6:25 pm

    Nice lines

  4. Pragya Shukla - August 16, 2020, 8:14 pm

    खूबसूरत

  5. Praduman Amit - August 16, 2020, 8:23 pm

    वाह क्या कहने।

  6. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 16, 2020, 8:32 pm

    Atisunder

  7. Satish Pandey - August 16, 2020, 11:19 pm

    बहुत खूब

  8. Satish Pandey - August 23, 2020, 11:02 am

    वास्तव में आपकी रचनाओं में स्नेहिल साहित्य भरा है, लेखनी में जबरदस्त क्षमता है। इतना सुमधुर काव्य, वाह,

  9. Geeta kumari - August 23, 2020, 11:39 am

    इतनी सुंदर समीक्षा के लिए बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद आपका 🙏 आपके उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत शुक्रिया।

  10. Piyush Joshi - September 24, 2020, 3:36 pm

    बहुत खूब, ग्रेट

Leave a Reply