तुम्हारे लिए

यह जीवन मेरा रहा है समर्पित
हां बस तुम्हारे लिए।
अपनी इच्छाओं के पंखों को
अपने ही इन दोनों बाजुओं से
टुकड़ों में बांट बिखेरा है हमने
हां बस तुम्हारे लिए।
अरमान मेरे ना गगन को चुमू
इस धरा पर, तेरी होके जी लूं
आश में खुद को तराशा है हमने
हां बस तुम्हारे लिए।
कभी साथ लेकर कहीं चलने में
तकलीफ़ थी मुझे साथ रखने में
अपनी तौहीन तुझी से सहा है हमने
हां बस तुम्हारे लिए।
तुझे सबसे ज्यादा चाहा है हमने
तेरी सलामती ही मांगा है हमने
मिटा के खुद को जिलाया है हमने
हां बस तुम्हारे लिए।

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

New Report

Close