तुम रहो तो,

आज कुछ हुआ है मेरे सनम को,-२
पास आके कहती है भुल जाओ हम को, आज कुछ हुआ.•••••
यु नदी बन मुझे दुर तक बहाया
लहरो मे अपनी मुझको मिलाया ,
अब यू किनारो पे ला के न छोडो,
पास इतने आके तुम मुहँ न मोडो
कैसे बतायेंगे हम अपने गम को,
आज कुछ हुआ है.••••••••••
चांदनी है राते और आंखे नम है,
कैसा इन उजालो का मुझपे सितम है,
हम इन सितारो से कहकर के रोये,
सनम तेरे आने का अब भी भरम है,

तोड कैसे पाऊंगा झुठे भरम को. आज कुछ हुआ हेेै •••••••••• (बागी)

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

श्रृंगार की रचना

सारे सितम भुल जाऊँ इतना प्यार देना मुझे हर जख़्म भुल जाऊँ इतना प्यार देना मुझे तेरा एतबार औरों से ज़ुदा है निगाहों में उम्मीद…

Responses

New Report

Close