तुम

तुम जीत हो
संगीत हो
मेरा मीत हो
मेरी ही प्रीत हो
सदियों से किया जिससे इकरार
तुम वही महोब्बत की रीत हो

दिन की शुरुआत से रात की एहसास हो
दोपहर की धुप और शाम की प्यास हो
इंतजार की गेहराई और चाहत की परछाई
हर वक्त की सबसे पहली आस हो


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5 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - March 28, 2020, 9:07 pm

    👌

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - March 29, 2020, 10:19 am

    Nice

  3. Kanchan Dwivedi - March 30, 2020, 3:59 pm

    Good

  4. Pragya Shukla - April 1, 2020, 2:09 pm

    Good

  5. Priya Choudhary - April 2, 2020, 4:44 pm

    Nice

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