तू जगाना खुद की हिम्मत

हौसला रख, न घबरा
काम ले हिम्मत से तू
जिन्दगी आसान होगी
मंजिलें कदमों में होंगी।
हो निराशा जब कभी
दिल बैठ सा जाये अगर,
तू जगाना खुद की हिम्मत
मुश्किलें आसान होंगी।
आँख भर आयें किसी के
दर्द को महसूस कर,
या किसी से ठेस पाकर
मन व्यथित हो जाये तब,
काम लेना हौसले से,
शक्ति अंतस की जगाना,
मन में बल आयेगा तेरे
कुछ खुशी अनुभूत होगी।
जब खुशी अनुभूत होगी
तब ललक आयेगी मन में
मुश्किलों को यह ललक
ललकारने लग जायेगी।
हौसला, हिम्मत तेरी
मुश्किल करेंगे दूर सब,
तू जगा हिम्मत न घबरा
मंजिलें कदमों में होंगी।
—- डॉ0 सतीश चंद्र पाण्डेय


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6 Comments

  1. MS Lohaghat - December 29, 2020, 8:15 am

    हिम्मत रखने की ओर प्रेरित करती बहुत ही बढ़िया कविता

  2. Chandra Pandey - December 29, 2020, 8:16 am

    Nice very nice poem

  3. Sandeep Kala - December 29, 2020, 9:04 am

    बहुत ही प्रेरणादायक पंक्तियां

  4. Piyush Joshi - December 29, 2020, 9:22 am

    अतीव सुन्दर सर

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 29, 2020, 11:07 am

    अतिसुंदर भाव

  6. Pragya Shukla - December 29, 2020, 3:47 pm

    बहुत ही सुंदर भाव

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