तेरी खामोशियां

तेरी खामोशियां आज भी
गीत गाती हैं
लबों पर मेरे
मुस्कान आती हैं
रात थम जाती है
उस वक़्त
जब भी तेरी याद आती है ।।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

14 Comments

  1. vivek singhal - April 5, 2021, 2:15 pm

    तेरी खामोशियां आज भी
    गीत गाती हैं
    लबों पर मेरे
    मुस्कान आती हैं
    रात थम जाती है
    उस वक़्त
    जब भी तेरी याद आती है ।।
    बेहतरीन है आपकी लेखनी की पकड़
    बेहद रूमानी कविता

  2. Geeta kumari - April 5, 2021, 8:52 pm

    तेरी खामोशियां आज भी
    गीत गाती हैं
    लबों पर मेरे
    _______ बहुत खूब, कवि प्रज्ञा जी की, रूमानियत से भरी हुई सुंदर कविता

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 6, 2021, 8:28 am

    उत्तम

  4. Rj sid - April 6, 2021, 11:24 am

    बहुत ही उम्दा अभिव्यक्ति है

  5. neelam singh - April 6, 2021, 11:31 am

    अति सुंदर रचना

  6. jeet rastogi - April 6, 2021, 9:10 pm

    बहुत सुंदर

  7. Ajay Shukla - April 9, 2021, 10:00 am

    सुन्दर प्रस्तुति

Leave a Reply