तोहमत

औरों की सुनते रहे,
मुझे अपना क्यू न मान सके
तोहमत लगाते, लगवाते रहे
मेरे दिल में क्यूँ न झांक सके


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5 Comments

  1. Pragya Shukla - November 10, 2020, 11:14 pm

    👏👏👏बहुत खूब

  2. Geeta kumari - November 11, 2020, 6:43 am

    बहुत ख़ूब

  3. Satish Pandey - November 11, 2020, 4:37 pm

    बहुत खूब, अतिसुन्दर पंक्तियाँ

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 12, 2020, 10:21 pm

    वाह

  5. Rajeev Ranjan - November 13, 2020, 10:05 pm

    गजब

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