थकान

●थकान
 ̄ ̄ ̄ ̄
किसान के पास
फ़सल की बोरियां भरते वक्त
बोरियां भर थकान भी होती है….

लेकिन
वह नहीं भरता
थकान की बोरियां….

क्योंकि-
वह जानता है थकान खरीद सके
उतना दम नहीं फ़सल खरीदने वालों में…!

(रमेश धोरावत)
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6 Comments

  1. Kaavyam Rajasthan - February 13, 2021, 3:28 pm

    बहुत ही बेहतरीन

  2. harshita pancharia - February 13, 2021, 3:50 pm

    बहुत बढ़िया

  3. Anu Singla - February 13, 2021, 5:14 pm

    बिलकुल सही बहुत सुन्दर

  4. Geeta kumari - February 14, 2021, 8:38 am

    अन्नदाता किसान पर बहुत सुंदर पंक्तियां

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - February 15, 2021, 8:46 am

    अतिसुंदर भाव

  6. GORDHAN B. KAROLA - February 15, 2021, 9:36 am

    Super bhi uper

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