थोड़ा सा कुछ

थोड़ा सा कुछ
——————
घर एक कारखाना,
काम करते-करते..
थोड़ा सा कुछ रह ही जाता है।
तन- मन से बढ़िया से बढ़िया करने के बाद,
मुस्कुराहट के साथ परिवारी जनों की प्रतिक्रिया जानने के लिए
जब परसे जाते हैं व्यंजन,
एक तकिया कलाम मिल ही जाता है,।
“बहुत उम्दा बना है
अगर इसमें थोड़ा सा……”
निमिषा सिंघल


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

1 Comment

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 7, 2021, 9:22 pm

    सुंदर

Leave a Reply