दर्द..

दर्द से ही उपजे कविता,
ये तो सबने ही जाना
दर्द में भी हंस सके जो,
उसे ज़माने ने माना

*****✍️गीता


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13 Comments

  1. Rishi Kumar - November 2, 2020, 7:46 pm

    Very good👍

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 2, 2020, 8:17 pm

    सुंदर

  3. Suman Kumari - November 3, 2020, 6:15 am

    सुन्दर

  4. Seema Chaudhary - November 3, 2020, 10:04 am

    बहुत ख़ूब

  5. मोहन सिंह मानुष - November 3, 2020, 1:25 pm

    Nice lines

  6. vivek singhal - November 5, 2020, 11:55 pm

    👌👌👌👌👌👏👏👏👏

  7. Pragya Shukla - November 6, 2020, 7:48 pm

    सही कहा

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