दास्ता ए जिंदगी

चंद पन्नों में सिमट गयी दास्ता ए जिंदगी
अब लिखने को बस लहू है, और कुछ नहीं|


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Panna.....Ek Khayal...Pathraya Sa!

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2 Comments

  1. Vinod Sharma - October 18, 2016, 4:35 pm

    nice

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