दिल की बाते!

वफ़ा करनी भी सीखो इश्क़ की नगरी में ए दोस्त,

फ़क़त यूँ दिल लगाने से दिलों में घर नहीं बनते !!

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खुश रहना हंसना तुम सीखो। दुखों से भी लड़ना तुम सीखो । तूफानों को झेलना सीखो। चट्टानों सा बनकर देखो । आकाश में उड़ते पंछी…

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