दिल दुखाओ मत किसी का

ठिठोली करो तुम खूब
लेकिन दिल दुखाओ मत किसी का,
जोर से गाओ मगर
मत चैन लूटो तुम किसी का।
किसी बीमार की जब रात को
आँखें लगी हों मुश्किलों से
जोर से डीजे बजाकर
मत बनो जरिया दुःखों का।
जब कभी कोई व्यथित हो
दुख व पीड़ा से,
सामने उसके
न प्रदर्शन करो अपने सुखों का।
आँख में पर्दा लगाकर
मत चलो ऐसे सड़क पर
भान रख लो तुम
दिखावे के मुखों का।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 16, 2021, 8:04 am

    अतिसुंदर भाव

  2. Piyush Joshi - January 16, 2021, 8:30 am

    बहुत खूब, अति उत्तम लिखा है।

  3. Suman Kumari - January 16, 2021, 9:38 am

    बहुत ही सुन्दर

  4. Geeta kumari - January 16, 2021, 2:09 pm

    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

Leave a Reply