दिल

किसी का
दिल भी ,
आईने की तरह
टूट गया।
लाख
पुचकार कर
जोड़ें,
नहीं जुड़ पाएगा ।
रास्ता
जिंदगी का
बन गया
आड़ा-टेढ़ा ,
लाख चाहें ,
नहीं
सीधा कभी ,
मुड़ पाएगा ।

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