दिवाली

दीपों की माला को देखो कैसे सज्जित होती हैं।

चारों तरफ उजाला कारके बस यही प्रज्वलित होती हैं ।

खोकर राग द्वेष को ये चारों तरफ सुगंधित होती हैं।

दीपो की माला को देखो कैसे सज्जित होती हैं।

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