दु:ख

कभी कभी दु:ख को
गले लगा कर भी जीना पड़ता है।
तभी तो सुख से ज्यादा इस जहाँ में
दुःख की महता है।।
जब तक इंसान के जीवन के
धड़कन की डोर चलती है।
तब तक ए अमित रंग बिरंगी
दु:ख हमारे साथ कहाँ छोड़ती है।।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

5 Comments

  1. Geeta kumari - November 5, 2020, 7:46 pm

    बहुत ख़ूब

  2. Pragya Shukla - November 5, 2020, 9:07 pm

    बहुत ही सुंदर रचना

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 5, 2020, 9:12 pm

    बहुत खूब

  4. vivek singhal - November 5, 2020, 11:13 pm

    सुंदर भाव

  5. Dhruv kumar - November 8, 2020, 9:46 am

    Nyc

Leave a Reply