दोहे =संसार

मेला है संसार ये, आते जाते लोग
जीवन का मकसद नहीं, करना केवल भोग
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राम नाम आधार है, लेकर होना पार
क्षमा करो अपराध प्रभु, आए तेरे द्वार

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