दो सिक्के

ले दे के दो सिक्के ले कर चली थी बाजार में
इक उछालने में खो गया, एक को रख भूली कहीं पर


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16 Comments

  1. Geeta kumari - August 9, 2020, 11:57 am

    वाह, क्या बात है

  2. Suman Kumari - August 9, 2020, 12:52 pm

    बहुत ही अच्छी

  3. मोहन सिंह मानुष - August 9, 2020, 1:16 pm

    ,,vasundra जी कृपया भाव के बारे में थोड़ा सा हिंट्स दे।

  4. Satish Pandey - August 9, 2020, 2:51 pm

    Nice

  5. Rishi Kumar - August 9, 2020, 4:40 pm

    🙏🙏✍👌

  6. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 9, 2020, 6:13 pm

    परमात्मा ने हमें दो सिक्के पूँजी के रूप में दी है। पहला यौ़वन और दूसरा आत्मज्ञान। एक को तो प्रदर्शन करते हुए गवा देते हैं और दूसरे को भुलाए हुए हीं जीवन बिता देते हैं।।
    क्या मैं ठीक हूँ ,वसुंधरा जी?
    बहुत खूब। जीवन दर्शन।।

  7. प्रतिमा चौधरी - September 7, 2020, 3:15 pm

    बेहतरीन

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