दौलत रूपी आग।

दौलत रूपी आग ने
.. अपनो से कर दिया दुर।
मैने भाई बनाना चाहा राम और लक्ष्मण जैसा;
लेकिन दौलत रूपी आग ने बना दी भाई जैसे पवित्र “रिस्ता”–
रावण और विभीषण जैसा।।
jyoti

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