*धनतेरस की बधाई*

धनतेरस का पर्व है,
सजे हुए बाज़ार,
घर में अपने लाओ
आज नए-नए उपहार
दीपों से सजे हुए हैं,
सबके आज सदन
आपस में गले मिलें,
स्वच्छ करें निज मन
सरस्वती के साथ पूजें,
लक्ष्मी और गणेश
मेधा संग धन आएगा,
तो सुधरेगा परिवेश
मद में मत हो जाना,
मनु, पाकर धन अपार
धन के संग मिले सदा ही,
बुद्धि का उपहार
चांदी की पालकी में,
मां लक्ष्मी आईं
आपको परिवार सहित,
धनतेरस की बधाई..

*****✍️गीता

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

  1. धनतेरस पर बहुत ही सुंदर रचना। आपको भी धनतेरस और दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

    1. बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी । आपको भी धनतेरस और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

  2. धनतेरस में सोना चांदी
    लेना नव नव गहना।
    नरायण कल्याण करे
    लक्ष्मी बसे नित अंगना।।
    धनतेरस की अकूत बधाई
    ले लो मेरी बहना।
    अतिसुंदर भाव अतिसुंदर रचना ।।

    1. वाह, भाई जी सादर धन्यवाद आपका स्नेहिल आशीर्वाद यूं ही बना रहे । सादर प्रणाम 🙏

  3. सुंदर शब्दावली एवं भाव के साथ रचना त्योहार की तरह उत्तम है

New Report

Close