धन्वन्तरि जी को प्रणाम

जिन्होंने दूर अनेकों रोग किये
औषधियों पर कितने शोध किये
उन धन्वन्तरि को नमन करती है प्रज्ञा
जिन्होंने लाखों तन नीरोग किये..


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12 Comments

  1. Geeta kumari - November 12, 2020, 6:14 pm

    वैद्य,चिकित्सकों के सम्मान में कवयित्री प्रज्ञा जी की ओर से बहुत सुन्दर पंक्तियां

  2. vivek singhal - November 12, 2020, 7:11 pm

    Beautiful poem

  3. vivek singhal - November 12, 2020, 7:14 pm

    Sahi kaha..

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 12, 2020, 10:11 pm

    बहुत खूब

  5. Sandeep Kala - November 13, 2020, 6:39 am

    Good morning

  6. Satish Pandey - November 13, 2020, 11:32 am

    बहुत खूब

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