धन्वन्तरि जी को प्रणाम

जिन्होंने दूर अनेकों रोग किये
औषधियों पर कितने शोध किये
उन धन्वन्तरि को नमन करती है प्रज्ञा
जिन्होंने लाखों तन नीरोग किये..

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Responses

  1. वैद्य,चिकित्सकों के सम्मान में कवयित्री प्रज्ञा जी की ओर से बहुत सुन्दर पंक्तियां

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