नया साल का पहरा

नया साल का पहरा

खेत खलिहान के सरहद पर
रंग बिरंगे फूलो का बसेरा होगा
ठंड बसन्त के हवाओ से
नया साल का उजाला होगा

मदमस्त महकती फिजा होगी
घर अॉगन में रौनक चॉदनी
धरा सुन्दर अलंकृत होगा
सुरज का गहरा पहरा होगा

घर घर मंगल गीत होगा
जब चैत्र मास आयेगा
कोयल की मिठे गीत से
फागुन का रंग छा जायेगा

नये साल में नव गीत का
स्वागत एवम् अभिनन्दन होगा
चैत्र शुक्ल का जब आगमन होगा
नये साल में मौसम बड़ा सुनहरा होगा

महेश गुप्ता जौनपुरी
मोबाइल – 9918845864

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

1 Comment

Leave a Reply