नहीं मरेगा रावण

61-नहीं मरेगा-रावण

अहम भाव में बसता हूं मैं
कभी न मरता रावण हूं मैं
स्वर्ण मृग मारीच बनाकर
सीता को भी छलता हूं मैं..।

किसे नहीं है खतरा सोचो
केवल अपनी सोच रहे हो
रावण वृत्ति कभी न मरती
यह सुनकर क्यों भाग रहे हो..।

दुख का सागर असुर भाव है
क्या राम धरा पर आएंगे
सुप्त हुए सब धर्म-कर्म जब
रावण कैसे मर पाएंगे..।

धर्म बहुत होता त्रेता युग
तक केवल लंका में रहता
कलयुग पाप काल है ऐसा
रावण अब घर-घर में बसता.।


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61 Comments

  1. Anu Singla - October 24, 2020, 6:58 pm

    NICE

  2. Nandkishor Upadhyay - October 24, 2020, 7:18 pm

    बहुत सुंदर।घर घर में रावण है।कैसे मरेगा?

  3. Shan Shekh - October 24, 2020, 7:29 pm

    👌👌👌👌

  4. Aakanksha Sullere - October 24, 2020, 8:06 pm

    👏👏👏👏👏👌👌👌👌

  5. R.P. mishra - October 24, 2020, 8:09 pm

    बहुत सुंदर पंक्तियाँ,

  6. Ankit Sullere - October 24, 2020, 8:14 pm

    👌👌👌❤️❤️

  7. Kapil Pandey - October 24, 2020, 8:23 pm

    Ghar Ghar me basta ravan…👌🙏🙏

  8. Amit kushwaha - October 24, 2020, 8:33 pm

    Nice

  9. amit urmaliya - October 24, 2020, 8:34 pm

    Nice 👌👌

  10. renuka bhardwaj - October 24, 2020, 8:36 pm

    Very nice

  11. preeti dubey - October 24, 2020, 8:44 pm

    Nice poetry 💐

  12. Anjana Pandey - October 24, 2020, 9:25 pm

    Nice 😌👏👏👏😊

  13. Chandra Pandey - October 24, 2020, 10:18 pm

    बहुत खूब, नवीनता युक्त कविता

  14. Anjana Pandey - October 24, 2020, 10:20 pm

    Very nice poetry

  15. priya pandey - October 24, 2020, 11:47 pm

    Very nice poem ..

  16. varun sharma - October 24, 2020, 11:49 pm

    बहुत सुंदर भाव..

  17. dheeru tiwari - October 25, 2020, 12:04 am

    Very nice poetry 👌

  18. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 25, 2020, 10:44 am

    ,सुंदर

  19. pal 1990 - October 25, 2020, 11:38 am

    Har Ghar me ravan nahi marega sundar kavita

  20. anil pandey - October 25, 2020, 1:34 pm

    Nice

  21. Satish Pandey - October 25, 2020, 6:29 pm

    बहुत खूब, सुन्दर रचना

  22. Kirti Patel - October 26, 2020, 9:43 am

    Sita ko bhi e Ravan chalta hai Sundar bhav

  23. Rashi Jain - October 26, 2020, 9:55 am

    Bahut sundar

  24. nikki tiwari - October 26, 2020, 1:34 pm

    Ari sundar

  25. Shivam - October 26, 2020, 3:27 pm

    बहुत सुन्दर भाव समाहित हैं.. सुपर

  26. Technology gamerz - October 26, 2020, 5:12 pm

    nice

  27. Sunil Kant Panday - October 26, 2020, 5:19 pm

    बहुत ही अच्छी कविता है आई like it

  28. alpana pandey - October 26, 2020, 5:28 pm

    Ghar ghar me ab Ram Kam aur Ravan jyada hote hai … Bahut achi rachna ✌️

  29. Akshay Pandey - October 26, 2020, 6:31 pm

    👌👌👌👌👌👍👍👍👍🙏

  30. viral adda - October 26, 2020, 6:33 pm

    Bhut sunder kavita

  31. pandey computers - October 26, 2020, 6:35 pm

    👍👌👌👌👌👌👌👌

  32. akshay pandey - October 26, 2020, 6:38 pm

    Bhut khoob👌👌👌👌👌👌😀

  33. lokendra patel - October 26, 2020, 7:13 pm

    Nicee

  34. Anil kumar kastor - October 26, 2020, 11:45 pm

    त्रेता में केवल एक रावण था।। पर
    कलयुग में रावण की कमी नही ..घर घर मे …है
    समाज को उंगली दिखलाती सच्ची कविता।

    • Krishan Pandey - October 27, 2020, 6:31 am

      आपकी समीक्षा के लिए सहृदय धन्यवाद

  35. Nirasha Gupta - October 26, 2020, 11:48 pm

    जब तक राम है ।।
    तब तब रावण ।
    समाज को आइना दिखाती कविता ।

  36. Prateek Tamrakar - October 27, 2020, 8:18 am

    बस लोग अपने अंदर चूपे रावण को मर ले यही असत्य पे सत्य की जीत होगी। जय श्री राम 🙏

  37. Umakant Pathak - October 27, 2020, 12:10 pm

    Bahut sundar kavita …

  38. Rakesh Suryavanshi - October 27, 2020, 1:56 pm

    बहुत ही अच्छी कविता है। वर्तमान समय मे घर घर मे रावण बैठा ।तो हम सभी को राम जैसे सत्य आदर्शो पर चलने बाले सभ्य समाज की जरूरत है।

    • Krishan Pandey - October 27, 2020, 3:52 pm

      आपने अपने सुन्ददर भाव व्यक्त किए.. हृदय से आपका धन्यवाद करता हूं

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