नहीं है ,अब हम मजबूर

किसान है,भारत की शान है
खेत – खलियान की है,जान
मेहनत में है ,उनकी
अलग पहचान
देश को विकसित बनाने में है
उनका सबसे बड़ा योगदान
देश की अभिमान
भारत की है,अलग पहचान
किसान है ,भारत की वीर पहचान।
धन्यवाद – काजल साह – स्वरचित


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3 Comments

  1. Geeta kumari - February 21, 2021, 10:56 am

    किसानों पर लिखी गई बहुत सुंदर रचना

  2. Satish Pandey - February 22, 2021, 2:49 pm

    किसान है,भारत की शान है
    खेत – खलियान की है,जान
    मेहनत में है ,उनकी
    अलग पहचान
    बहुत सुन्दर, अति उत्तम कविता।

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - February 22, 2021, 7:36 pm

    बहुत खूब

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