नियत

काली मुलायम उड़ती जुल्फें तेरी,
इश्कबाज़ों पे कयामत ढाती है।
जब चले तू खुली वादियो में,
घटा की नियत भी बदलती है।।

Published in शेर-ओ-शायरी

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Responses

  1. मोहब्बत की खूबसूरती का सुन्दर वर्णन किया है आपने।।

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